₹1 लाख की सैलरी होने पर भी PF के लिए सिर्फ़ ₹1,800 ही कटेंगे,जानें- EPFO ​​के नए नियम

गर आपकी बेसिक सैलरी महीने की 1 लाख रुपये भी है, तो आपके PF में अनिवार्य रूप से सिर्फ 1,800 रुपये ही कटेंगे और इतना ही हिस्सा कंपनी मिलाएगी। हालांकि, आपके पास यह विकल्प रहेगा कि आप अपनी बाकी बची सैलरी में से कुछ हिस्सा रिटायरमेंट की बचत के तौर पर PF में जमा कर सकें।

NSI Admin03 Jul 2026, 02:41 AM2 views3 min read
₹1 लाख की सैलरी होने पर भी PF के लिए सिर्फ़ ₹1,800 ही कटेंगे,जानें- EPFO ​​के नए नियम

नई दिल्ली,नेशनल डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने PF के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। EPFO ने कहा है कि अब 15,000 रुपये की तय सैलरी सीमा पर 12% का योगदान देना ही अनिवार्य होगा। यह 1,800 रुपये महीना बनता है। इससे ऊपर आप जो भी पैसा PF में जमा करेंगे, उसे स्वैच्छिक माना जाएगा।

इसका मतलब यह है कि अगर आपकी बेसिक सैलरी महीने की 1 लाख रुपये भी है, तो आपके PF में अनिवार्य रूप से सिर्फ 1,800 रुपये ही कटेंगे और इतना ही हिस्सा कंपनी मिलाएगी। हालांकि, आपके पास यह विकल्प रहेगा कि आप अपनी बाकी बची सैलरी में से कुछ हिस्सा रिटायरमेंट की बचत के तौर पर PF में जमा कर सकें।

क्या होगा फायदा?

एक अधिकारी ने बताया कि योजना में यह लचीलापन इसलिए लाया गया है ताकि सदस्यों को अपनी रिटायरमेंट बचत पर ज्यादा अधिकार मिल सके। इन बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई है और इन्हें नए लेबर कोड के हिसाब से बनाया गया है।चूंकि प्राइवेट सेक्टर में ज्यादातर सैलरी कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) मॉडल पर आधारित होती है। इसलिए अब सैलरी को इस तरह से दोबारा स्ट्रक्चर किया जा सकता है जिससे कर्मचारी और कंपनी दोनों को फायदा हो। हालांकि, नए नियमों में सदस्यता को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पहले क्या थे नियम?

पुरानी योजना (EPF योजना 1952) के तहत, 15,000 रुपये की सैलरी सीमा केवल किसी कंपनी में जॉइनिंग के समय यह तय करने के लिए थी कि कर्मचारी को अनिवार्य सोशल सिक्योरिटी कवर मिलेगा या नहीं। उस समय नियम यह था कि जिनकी बेसिक सैलरी 15,000 तक थी, उनके लिए योजना से जुड़ना अनिवार्य था। दूसरों के पास अपनी मर्जी से EPFO की योजनाओं में शामिल होने का विकल्प था। एक बार योजना में शामिल होने के बाद कर्मचारी अपनी पूरी बेसिक सैलरी पर योगदान देते थे और कंपनियों को भी उसके बराबर हिस्सा मिलाना पड़ता था। यह सरकार द्वारा तय सैलरी लिमिट से कहीं ज्यादा होता था। फिलहाल 15,000 रुपये की यह सैलरी लिमिट 2014 में तय की गई थी। साल 2014 में पेंशन योजना में हुए बदलाव के बाद कंपनियों द्वारा पेंशन फंड (EPS) में दिया जाने वाला 8.33% हिस्सा सिर्फ 15,000 रुपये की सैलरी तक सीमित कर दिया गया था। यानी अधिकतम 1,250 रुपये प्रति माह। क्योंकि योगदान वास्तविक सैलरी पर दिया जाता था, इसलिए कंपनियों द्वारा दिया गया अतिरिक्त पैसा कर्मचारी के पीएफ (EPF) खाते में चला जाता था।

पैसा निकालना कितना आसान?

नई योजना में PF से पैसा निकालने के नियमों को भी आसान बनाया गया है। अब पैसा निकालने की वजहों को 13 अलग-अलग कैटिगरी से घटाकर 3 कर दिया गया है। इसमें जरूरी : (बीमारी, पढ़ाई, शादी), घर : (मकान खरीदना या बनाना) और विशेष हालात शामिल हैं। विशेष के मामले में सदस्य अपने PF का 100% तक एलिजिबल बैलेंस निकाल सकते हैं। इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का हिस्सा शामिल होगा। हालांकि, खाते में हमेशा कम से कम 25% बैलेंस बनाए रखना जरूरी होगा।

Daily Briefing

Stay Ahead of Every Story

Breaking news, top stories, and exclusive coverage -- delivered to your inbox every morning.

N
NSI AdminAuthor

Comments

Sign in to join the conversation

Sign In to Comment

More from Business

View All
पेटीएम पेमेंट्स बैंक: विवाद और निलंबन की कहानी
Business

पेटीएम पेमेंट्स बैंक: विवाद और निलंबन की कहानी

NSI Admin·4 days ago·2 min read
स्विगी के इंस्टामार्ट में बड़ा बदलाव: जानिए क्या है इसका महत्व
Business

स्विगी के इंस्टामार्ट में बड़ा बदलाव: जानिए क्या है इसका महत्व

NSI Admin·4 days ago·2 min read
राजस्थान में 150 मेगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए ₹630 करोड़ की निविदा जारीBreaking
Business

राजस्थान में 150 मेगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए ₹630 करोड़ की निविदा जारी

NSI Admin·6 days ago·3 min read
HDFC Bank Q1 Results: 19,060 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, एसेट क्वालिटी में सुधार; NPA घटा
Business

HDFC Bank Q1 Results: 19,060 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, एसेट क्वालिटी में सुधार; NPA घटा

NSI Admin·14 days ago·2 min read