RajasthanBreaking

कांग्रेस के 'नीट पेपर लीक' नैरेटिव का जवाब देने में क्यों कमजोर पड़ रही है भाजपा राजस्थान की सोशल मीडिया और आईटी सेल?

सोशल मीडिया पर कांग्रेस का आक्रामक अभियान, भाजपा के पास मुद्दे होने के बावजूद प्रभावी जवाब का अभाव-पीयूष पुरोहित की खास रिपोर्ट

NSI Admin24 Jul 2026, 12:24 PM537 views4 min read
कांग्रेस के 'नीट पेपर लीक' नैरेटिव का जवाब देने में क्यों कमजोर पड़ रही है भाजपा राजस्थान की सोशल मीडिया और आईटी सेल?

सोशल मीडिया पर कांग्रेस का आक्रामक अभियान, भाजपा के पास मुद्दे होने के बावजूद प्रभावी जवाब का अभाव

-पीयूष पुरोहित की खास रिपोर्ट

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में इन दिनों नीट पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा सबसे अधिक चर्चा में है। कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर उठाकर युवाओं के बीच सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया अभियान और कैंडल मार्च जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से कांग्रेस ने इसे राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना दिया है। इसके विपरीत भाजपा राजस्थान की सोशल मीडिया और आईटी सेल इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रचार का वैसा जवाब देती नजर नहीं आ रही, जिसकी पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह अपेक्षा की जा रही थी।

भाजपा के पास प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया, आईटी और डिजिटल कम्युनिकेशन का बड़ा संगठनात्मक ढांचा है। प्रदेश, जिला, मंडल और बूथ स्तर तक पदाधिकारी नियुक्त हैं। इसके बावजूद कांग्रेस के लगातार चल रहे डिजिटल अभियान का प्रभावी और समन्वित जवाब दिखाई नहीं दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा का डिजिटल नेटवर्क जितना मजबूत माना जाता है, उसका उतना असर वर्तमान राजनीतिक माहौल में दिखाई नहीं पड़ रहा।

कांग्रेस बना रही है 'युवा बनाम सरकार' का माहौल

कांग्रेस पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक को केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे युवाओं के भविष्य, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर व्यापक राजनीतिक मुद्दा बनाने में लगी है। पार्टी के शीर्ष नेता लगातार इस विषय पर बयान दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, पोस्ट, ग्राफिक्स और हैशटैग अभियान के जरिए कांग्रेस युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने में सक्रिय है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की रणनीति भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर असर डालने की है, जबकि भाजपा की ओर से अब तक उतनी आक्रामक डिजिटल रणनीति सामने नहीं आई है।

भाजपा के पास भी हैं कई राजनीतिक मुद्दे

भाजपा नेताओं और समर्थकों का तर्क है कि कांग्रेस के कार्यकाल में राजस्थान में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मामले सामने आए थे। उस समय रीट, आरएएस, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती, पुलिस भर्ती सहित कई परीक्षाएं विवादों में रहीं। इसके अलावा कुछ भर्तियों में इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर भी विपक्ष ने आरोप लगाए थे कि प्रभावशाली लोगों के परिजनों को अधिक अंक देकर लाभ पहुंचाया गया।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि भाजपा इन पुराने मामलों की समय-समय पर तथ्यात्मक जानकारी, जांच एजेंसियों की कार्रवाई, एफआईआर, गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को व्यवस्थित तरीके से सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करती, तो कांग्रेस के प्रचार अभियान का अधिक प्रभावी जवाब दिया जा सकता था।

सरकार की कार्रवाई भी नहीं बन पा रही राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और 450 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और नकल माफिया पर कार्रवाई को अपनी उपलब्धि बता रही है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सरकार की इन कार्रवाइयों का सोशल मीडिया पर उतना प्रभावी प्रचार नहीं हो पाया, जितना होना चाहिए था। परिणामस्वरूप कांग्रेस का नैरेटिव कई मंचों पर अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रहा है।

समन्वय की कमी भी बन रही चुनौती

सूत्रों के अनुसार, भाजपा के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक समान और संगठित संदेश का अभाव भी देखने को मिल रहा है। कई बार स्थानीय और प्रदेश स्तर पर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया दी जाती है, जिससे पार्टी का पक्ष उतनी मजबूती से सामने नहीं आ पाता। विशेषज्ञों का मानना है कि आज की राजनीति में त्वरित प्रतिक्रिया, तथ्य आधारित सामग्री और समन्वित डिजिटल रणनीति सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है।

आगे और तेज हो सकती है डिजिटल जंग

आने वाले महीनों में राजनीतिक गतिविधियों के बीच शिक्षा एवं रोजगार का मुद्दा प्रमुख बना रह सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता और बढ़ाएंगी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आने वाले समय में केवल जमीनी अभियान ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दोनों दलों के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई देखने को मिलेगी।

Daily Briefing

Stay Ahead of Every Story

Breaking news, top stories, and exclusive coverage -- delivered to your inbox every morning.

N
NSI AdminAuthor

Comments

Sign in to join the conversation

Sign In to Comment

More from Rajasthan

View All
अशोक कुमार–II को खान एवं भू-विज्ञान विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभारBreaking
Rajasthan

अशोक कुमार–II को खान एवं भू-विज्ञान विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार

NSI Admin·5 days ago·1 min read
Jaipur News:शनिदेव की भक्ति में सराबोर हुआ बापू नगर, महाआरती व भजन संध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब
Rajasthan

Jaipur News:शनिदेव की भक्ति में सराबोर हुआ बापू नगर, महाआरती व भजन संध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब

NSI Admin·8 days ago·2 min read
नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने पर मंथन, वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी ने लिए महत्वपूर्ण सुझावBreaking
Rajasthan

नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने पर मंथन, वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी ने लिए महत्वपूर्ण सुझाव

NSI Admin·9 days ago·2 min read
गुरु रविदास के विचार सामाजिक समरसता की प्रेरणा, महापुरुषों के सम्मान में अभूतपूर्व कार्य कर रही मोदी सरकार- दुष्यंत गौतमBreaking
Rajasthan

गुरु रविदास के विचार सामाजिक समरसता की प्रेरणा, महापुरुषों के सम्मान में अभूतपूर्व कार्य कर रही मोदी सरकार- दुष्यंत गौतम

NSI Admin·9 days ago·3 min read